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केश सज्जा : हसीनों की पहली पसंद

व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने में बालों की अहम भूमिका होती है। बाल सजाने-संवारने का ढंग अलग-अलग हो सकता है। चेहरे की कटिंग पर यह निर्भर करता है कि किसी चेहरे के बालों को किस ढंग से संवारा जाए। अगर चेहरे के हिसाब से बालों को सजाया जाए, तो यह किसी भी व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित किए बिना नहीं रह सकता। यही कारण है कि बालों के आकर्षक अंदाज ने सदा से ही कवियों-गीतकारों को भी अपनी ओर खींचा है।
महिलाएं अपने बालों को लेकर जितनी चिन्तित दिखती हैं, बालों की विभिन्न समस्याओं से वे उतनी परेषान भी रहती हैं। चेहरे की कटिंग गोल, अंडाकार, लंबा या अन्य तरह की हो सकती है। बाल रुखे, तैलीय एवं साधारण होते हैं। ऐसे में बालों को चेहरे के हिसाब से कैसे सेट करवाया जाए, आदि प्रष्न मन में आते रहते हैं। और हां, फैषन के जमाने में कैान सा स्टाइल आजकल लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं, इन सब बातों को लेकर मथापच्ची ज्यादा ही होती है। ये सवाल चंद दिनों के नहीं हैं। ‘साधना कट’ स्टाइल हम यूं ही नहीं भूल सकते और न ही कवियों-गीतकारांे के सम्मोहन को। यही वजह है कि किसी सुन्दर युवती को देख आज भी युवा “न झटको जुल्फ से पानी, ये मोती टूट जायेंगे” गुनगुनाने से बाज नहीं आते।
इन सबके बावजूद यह संभव है कि आपके बालों को भी एक खास अंदाज की जरूरत हो, ताकि आप भी भीड़ भरे माहौल में प्रषंसा पा सकें। इसके लिए जरूरत है बालों को सही देखभाल की और साथ ही, अपने चेहरे के मुताबिक बालों को उचित रूप देने की। तो फिर कहना ही क्या! आप भी बन सकती हैं हसीन। तो पेष है बालों की सही देखभाल एवं चेहरे की जरूरत के हिसाब से कुछ स्टाइलों पर टिप्स :

  • घने, काले, चमकदार एवं मुलायम बालों के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, खनिज व विटामिन युक्त भोजन लेना चाहिए।
  • हल्के हाथ से बालों पर प्रतिदिन फिराने से बाल सुन्दर एवं चमकदार बनते हैं। हल्के स्पर्ष के द्वारा बालों को आकर्षक बनाने का यह आसान तरीका है। इससे सीर का रक्त संचार ठीक रहता है एवं बालों को उचित पोषक तत्व मिल जाता है।
  • रात में सोने से पहले बालों को खोलकर कुछ देर धीरे-धीरे कंघी से झाड़ने के बाद हल्के रूप से गूंथना चाहिए। इससे बालों का व्यायाम हो जाता है। साथ ही आवष्यक मात्रा में ऑक्सीजन की पूर्ति भी हो जाती है।
  • बालों को धोने के लिए किसी एक षैम्पू का चयन कर लें। जब अच्छी तरह आष्वस्त हो जाएं कि षैम्पू आपके बालों को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो फिर उसे बदले नहीं।
  • गर्मी में बालों को सप्ताह में दो बार एवं ठंढ में एक बार सुविधानुसार धोया जा सकता है।
  • खुष्क बेजान बालों के लिए जैतून का तेल प्रयोग करना अच्छा रहता है। खुष्क बेजान बालों को साबुन से न धोकर षैम्पू अथवा ऑवला, रीठा, षिकाकाई के चूर्ण को फूलाकर धोया जा सकता है।
  • मानसिक तनाव एवं पेट की बीमारियों का स्पष्ट प्रभाव बालों पर पड़ता है। अतः इससे निजात पाना आवष्यक है।
  • रूसी, असमय बालों का सफेद होना एवं बालों का झड़ना एक आम परेषानी है। किसी चिकित्सक का परामर्ष लेना उचित होगा।
  • हेयर ड्रायर अथवा स्प्रे का प्रयोग अधिक करने से बाल झड़ने का डर बना रहता है। अतः किसी विषेष मौके पर ही इसका प्रयोग करना चहिए।
  • बालों को साफ रखकर रूसी से बचा जा सकता है।
  • आवष्यक हो तभी सफेद बालों को रंगे। साथ ही सस्ते खिजाबों का प्रयोग न करना ही ठीक है, क्योंकि इससे बचे हुए काले बाल भी सफेद हो जायेंगे और त्वचा के लिए भी यह हानिकारक होगा।
  • प्राकृतिक बाल ज्यादा सुन्दर होता है। अतः चेहरे के अनुरूप ही इन्हें सेट करवायें।
  • लड़कियों के बीच आजकल पोषाक में पैंट-षर्ट, टी-षर्ट एवं जीन्स का प्रचलन बढ़ा है। ऐसे में छोटे बाल उन पर ज्यादा अच्छे लगेंगे। साथ ही बालों को संभालने-संवारने मंे परेषानी नहीं होगी।
  • नाटे कद की लड़कियां अगर छोटा बाल रखेंगी, तो वह कुछ लंबी दिखेंगी। इसी तरह लंबी लड़कियां लंबे बाल से सामान्य कद की लगेंगी। लंबी गर्दन को बालों से ढकने से सौंदर्य में चार चांद लगा जाता है।
  • चौड़े ललाट को भी सुन्दर बनाया जा सकता है। आगे के कुछ बालों को लटकाकर आधे ललाट के पास से ‘साधना कट’ काट दें तथा षेष बालों को गर्दन तक रहने दें। इससे लंबा चेहरा भी खिल उठेगा।
  • छोटी उम्र की लड़कियों को ‘व्वॉय कट’ कटवाया जा सकता है। धंुधराले बाल युक्त ‘व्वॉय कट’ छोटी उम्र की लड़कियों को ज्यादा भाता है।
  • अगर बाल घने हों एवं झड़ते नहीं हों, तो यह बहुत अच्छी बात है। ऐसे में घने-मोटे बालों में दो चोटी की जा सकती है। घर में चोटी खुली रखें। बाहर निकलते वक्त इसे गोलाकार रुप देकर जुड़े की तरह का सेप बना क्लिप लगा लें। इससे बाल भी संवरा रहेगा और देखने में भी अच्छा लगेगा।
  • लंबे-घने बालों को तीन या चार स्टेप कटिंग कर भी सजाया जा सकता है। ललाट के आगे के बालों को भौ तक काटे, फिर बीच में बालों को गर्दन या कंधे तक और षेष बालों को नीचे से काटकर गोल कर लें। ऐसे स्टाइल वाले बालों को अलग सेे सजाने-संवारने की जरूरत नहीं। सिर्फ बाल साफ एवं खुला रखें।
  • नव युवतियों के बीच कंधे तक कटे खुले बाल रखने का प्रचलन आजकल ज्यादा है। वास्तव में यह स्टाइल हर किसी को अपनी ओर खीचता है।
  • सीधे बाल ज्यादा अच्छे लगते हैं। कुछ लोग इन बालों को घुंघराला करवा लेते हैं। अब यह फैषन ‘आउट डेटेड’ हो गया है। सीधे बाल ही अब ज्यादा पसंद किये जाते हैं। इसमें किसी तरह का छेड़छाड़ करना ठीक नहीं।
  • नौकरी-पेषा वाली महिलाओं को बालों पर विषेष ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर बाल लंबे हैं, तो वे जूड़ा बनाकर अथवा रोल कर बालों को संवार सकती हैं। अगर बाल छोटे हैं तो इन्हें क्लिप लगाकर अथवा किसी अन्य तरीके से भी संवारा जा सकता है।
  • नाटे कद की कामकाजी महीलाएं गर्दन अथवा कंधे तक बालों को रखें तो ज्यादा अच्छा दिखेगा और यह उनके लिए आरामदेह भी रहेगा।
  • कुछ कामकाजी महिलाएं खुले बाल रखना ज्यादा पसंद करती हैं। ये खुले-लहराते बाल पुरुषों को भी अच्छे लगते हैं। साथ ही यह स्टाइल सेक्स अपील भी करता है। ऐसे में आज के बदले हुए माहौल में यह ध्यान रखना जरूरी है कि खुले-लहराते बाल आपके परिवेष में फीट बैठता है या नहीं।
  • कुछ प्रदेषों में बाल को सजाने-संवारने में गजरा एवं फूल का प्रयोग किया जाता है। षादी-विवाह अथवा किसी विषेष अवसर पर यह हर कहीं दिखाई देता है। फूलों के बिना तो दुल्हन की सजावट ही अधुरी है। यह सबको खूब भाता है।

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