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हिंदी फिल्मों का साहित्य से है पुराना नाता

साहब बीबी और गुलाम : 1962 में बनी यह फिल्म बंगाली लेखक बिमल मित्र के उपन्यास पर आधारित थी। उपन्यास का नाम भी था साहब बीबी और गुलाम। मीनां कुमारी, वहीदा रहमान और गुरुदत्त अहम भूमिकाओं में थे।
गाइड : 1965 में बनी यह फिल्म मशहूर लेखक आर. के. नारायण के उपन्यास ‘द गाइड’ पर आधारित थी। इसमें देव आनंद और वहीदा रहमान थे।
सरस्वतीचंद्र : 1968 में बनी यह फिल्म एक गुजराती उपन्यास सरस्वतीचंद्र पर ही आधारित थी। उपन्यास को लिखा था गोवर्धनराम माधवराम त्रिपाठी ने। इसपर 2013 में संजय लीला भंसाली ने टेलीविजन सीरियल भी बनाया।
शतरंज के खिलाड़ी : 1977 में सत्यजीत रे के निर्देशन में बनी फिल्म शतरंज के खिलाड़ी, मुंशी प्रेमचंद्र की कहानी पर आधारित थी। फिल्म में संजीव कुमार, अमजद खान, शबाना आजमी मुख्य भूमिकाओं में थे।
जुनून : 1978 में श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी यह फिल्म लेखक रस्किन बॉन्ड के उपन्यास ‘ए फ्लाइट ऑफ पिजंस’ पर आधारित थी। अभिनेता शशि कपूर, कुलभूषण खरबंदा, शबाना आजमी, दीप्ति नवल मुख्य किरदारों में थे।
उमराव जान : 1981 में बनी यह फिल्म उर्दू उपन्यास ‘उमराव जान अदा’ पर आधारित थी। उपन्यास के रचनाकार थे मिर्जा हादी रुसवा। अहम भूमिकाएं निभाईं थीं रेखा और फारुख शेख ने। 2006 में निर्देशक जेपी दत्ता ने अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या के साथ मिलकर उमराव जान का रीमेक बनाया था।
मासूम : 1983 में बनी यह फिल्म एरिक सेगल के उपन्यास ‘मैन, वूमेन एंड चाइल्ड’ पर आधारित थी। फिल्म का निर्देशन किया था शेखर कपूर ने और अहम भूमिकाएं निभाईं थीं नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी ने।
1947 अर्थ : 1999 में बनी फिल्म अमेरिका में रहने वाली पाकिस्तानी लेखिका बाप्सी सिधवा के उपन्यास ‘क्रेकिंग इंडिया’ पर आधारित थी। निर्देशन किया था दीपा मेहता ने और अहम भूमिका में थे आमिर खान और नंदिता दास।
देवदास : 1917 में लिखे गए शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास देवदास पर कई बार फिल्में बन चुकी हैं। 2002 में संजय लीला भंसाली के निर्देशन में शाहरुख, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित अभिनीत देवदास काफ़ी हिट थी।
मकबूल : 2003 में आई फिल्म मकबूल, शेक्सपियर के नाटक मैकबेथ पर आधारित थी। पंकज कपूर, इरफान खान और तब्बू अहम भूमिकाओं में थे।
पिंजर : 2003 में बनी फिल्म पिंजर, अमृता प्रीतम के पंजाबी उपन्यास पिंजर पर आधारित थी। भारत-पाक विभाजन वाली इस फिल्म में उर्मिला मातोंडकर और मनोज वाजपेयी थे। चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने इसका निर्देशन किया है।
परिणीता : 1914 में छपे शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास परिणीता पर कई फिल्में बनी हैं। 2005 में भी प्रदीप सरकार के निर्देशन में फिल्म बनी। विद्या बालन, सैफ अली खान और संजय दत्त की फिल्म में अहम भूमिकाएं थीं।
ओमकारा : 2006 में आई यह फिल्म शेक्सपियर की मशहूर रचना ओथेलो पर आधारित थी। फिल्म का निर्देशन किया विशाल भारद्वाज ने और मुख्य भूमिका में थे अजय देवगन, सैफ अली खान और करीना कपूर।
आयशा : 1815 में लिखे गए उपन्यास ‘एमा’ पर बनी और 2010 में रिलीज आयशा में सोनम कपूर और अभय देओल ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
हैदर : 2014 में आई यह शेक्सपियर की रचना ‘हैमलेट’ पर आधारित थी। शाहिद कपूर, श्रद्धा कपूर, तब्बू और केके मेनन अहम भूमिकाओं में थे। इस फिल्म के निर्देशक थे विशाल भारद्वाज।
कृष्ण चौपड़ा ने दो ‘बैलों की कथा’ पर ‘हीरा मोती’ नाम से फिल्म बनाई। 1979 में सत्येन बोस के निर्देशन में बनी ‘सांच को आंच नहीं’ का मूल आधार भी प्रेमचंद की कहानी ‘पंच परमेश्वर’ था। मौनी भट्टाचार्य ने पं. चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की कहानी ‘उसने कहा था’ पर इसी नाम से फिल्म का निर्माण किया। इसमें सुनील दत्त और नंदा मुख्य भूमिका में थे। फिल्म ‘तीसरी कसम’ राजकपूर और वहीदा रहमान की ये फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी ‘मारे गए गुलफाम’ पर आधारित है। इसे शैलेंद्र ने प्रोड्यूस किया और बासु भट्टाचार्य ने निर्देशित। पटकथा और संवाद खुद रेणु ने लिखे। गुलज़ार ने कमलेश्वर की दो कहानियों – ‘काली आंधी’ पर ‘आंधी’ और ‘आगामी अतीत’ पर ‘मौसम’ बनाई। फिल्मकार बासु चटर्जी ने मन्नू भंडारी की प्रसिद्ध कहानी ‘यही सच है’ पर आधारित फिल्म ‘रजनीगंधा’ का निर्माण किया। मणिकौल ने बाद में मोहन राकेश, विजय दान देथा, मुक्तिबोध और विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं पर फिल्में बनाई। कुमार शाहनी ने निर्मल वर्मा की कहानी ‘माया दर्पण’ पर इसी नाम से फिल्म बनाई। इसके इलावा दामुल, परिणिति, पतंग, कोख जैसी फिल्में भी साहित्यिक रचनाओं पर बनीं।

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