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हालात बड़े नाजुक हैं

SECOND : लॉकडाउन कविता प्रतियोगिता 2021

नवनीता कुमारी

आज वक्त और हालात बड़े नाजुक हैं
जितनों ने गंवाई कोरोना वायरस से अपनी जानें
इसका हमें बड़ा दुःख है
जो हो गया, सो हो गया
अब जितना बचा, उसको बचाना है
बची है जो अनमोल धरोहर
उसे अब नहीं गंवाना है
इस लॉकडाउन में दूर रहकर भी
सबका साथ निभाना है
लॉकडाउन के नियम कोई खेल नहीं
उनसे पूछो जिनके किसी रिश्तेदार ने
कोरोना वायरस से अपनी जान गंवाई है
पर लॉकडाउन को खेल समझने वालों को
अभी तक शर्म नहीं आई है
लॉकडाउन सभी के हित में जारी है
क्योंकि देश पे विपदा बहुत भारी है
इस लॉकडाउन में धैर्य बनाए रखें
जितनी अच्छी बातें हों, उनको सीखें
बिना मास्क के अब कोई ना दिखे
हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं
सैनिटाइजर का करें उचित मात्रा में उपयोग
सोशल डिस्टंेसिंग के नियमों का करें पालन
अब हर हाल में वैक्सीन लगवाना है
जल्द कोरोना को पूरी दुनिया से भगाना है
लॉकडाउन से बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ा है
आने वाली पीढ़ी का भविष्य दांव पर लगा है
लॉकडाउन में कोरोना पीड़ितों की
मदद करने के लिए आगे आएं
दूर से ही सही, पर अपना ये फर्ज निभाएं
डॉक्टर, नर्स, पुलिस और स्वास्थ्य कर्मचारी का
तहेदिल से करें सम्मान
इन्होंने हमारे लिए दांव पर लगा दी अपनी जान
लॉकडाउन में रिश्ते पास आने लगे हैं
दूरियों में भी रिश्तेदारी निभाने लगे हैं
कोरोना वायरस से जंग में
जीत जाने की उम्मीद बनाए रखें
फिर से एक दिन सारी दुनिया मुस्कुरायेगी
ये जज्बा अपने अंदर जगाए रखें
एक बार फिर से यही कहूंगी –
कोरोना वायरस जैसी बीमारी को हल्के में ना लें
यह एक जानलेवा बीमारी है
लॉकडाउन के नियमों को अपनाकर ही
सुरक्षित जीवन अब हमारा है।

पता : ग्राम़ / पोस्ट-चुहड़ी, थाना-चनपटिया, बेतिया-845450
पं. चंपारण, बिहार

2 thoughts on “हालात बड़े नाजुक हैं

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