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अनुवादक : रोजगार का बेहतर क्षेत्र

अवसर

राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए सरकार प्रयासरत है। इस प्रयास का ही परिणाम है कि करीब-करीब हर विभाग में अंग्रेजी के साथ हिन्दी में भी काम होने लगा है। साथ ही कई विभागों में अनुवादक का पद अनिवार्य हो गया है। इससे अनुवाद के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। दूसरी तरफ भाषा पर अच्छी पकड़ रखने एवं षब्दों से खेलने वालों के लिए अनुवादक के अलावा दुभाषिया बनने का भी रास्ता खुला रहता है। अतः इस ओर आज युवाओं का झुकाव बढ़ा है।
शैक्षिक योग्यता
इस क्षेत्र में अपना भविष्य तलाषने वाले तीन माह के पाठ्यक्रम में प्रवेष ले सकते हैं। सर्टिफिकेट कोर्स के अलावा डिप्लोमा या फिर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी किया जा सकता है। प्रवेष की न्यूनतम योग्यता स्नातक एवं स्नातकोत्तर है। हां, स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी या अंग्रेजी विषय में से किसी एक का होना चाहिए।
अवसर
अगर किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कोर्स किया जाए तो इस क्षेत्र में काम की कमी नहीं है। सरकारी संस्थाओं के अलावा गैर सरकारी संस्थाओं में भी काफी अवसर हैं। पत्र-पत्रिकाओं, समाचार चैनलों, प्रकाषन समूहों, विज्ञापन एजेंसियों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों व अन्य जगहों पर अच्छे अनुवादकों की प्रायः हर वक्त मांग रहती है। दूसरी तरफ न्यायालय, लोकसभा, राज्यसभा आदि से भी अनुवादक की रिक्तियां निकलती रहती हैं। साथ ही कई प्रकाषक किसी पुस्तक के अनुवाद के लिए अनुबंध भी समय-समय पर करते हैं। इस क्षेत्र में ऐसे भी ढेरों काम हैं, जिन्हें घर पर ही अनुवाद करने का किया जा सकता है।
चयन प्रक्रिया
कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से प्रायः हर साल सरकारी संस्थाओं में कनिष्ठ अनुवादकों की भर्ती होती है। इसके लिए उम्मीदवार की आयु 27 साल होनी चाहिए। साथ ही षैक्षिक योग्यता में हिन्दी/अंग्रेजी से स्नातकोत्तर डिग्री वांछित है। प्रायः हर साल देष के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में ये रिक्तियां आती हैं। रोजगार समाचार में भी अनुवादकों की भर्ती के विज्ञापन प्रायः रहते हैं। आजकल प्राइवेट कंपनियों में कॉन्ट्रेक्ट पर अनुवादकों को रखा जाता है। यहां आयु सीमा से ज्यादा योग्यता के आधार पर चयन होता है।
वेतनमान
सरकारी क्षेत्र के कनिष्ठ हिन्दी अनुवादकों का वेतनमान 5500-9000 रुपए के बीच होता है। वहीं प्राइवेट में अनुवादकों को योग्यता के आधार पर 4-5 हजार से लेकर 15 हजार रुपए तक मिल सकते हैं। सरकारी क्षेत्र के कनिष्ठ हिन्दी अनुवादक प्रमोषन पाकर वरिष्ठ हिन्दी अनुवादक और बाद में हिन्दी अधिकारी या सहायक निदेषक (राजभाषा) बन सकते हैं।
संस्थान
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विष्वविद्यालय, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, कैलाष कॉलोनी, नई दिल्ली
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, न्यू महरौली रोड, नई दिल्ली
भारतीय अनुवाद परिषद्, बंगाली मार्केट, नई दिल्ली
दिल्ली विष्वविद्यालय (हिन्दी अनुभाग) ट्यूटोरियल बिल्डिंग, दिल्ली विष्वविद्यालय, दिल्ली।

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