Naye Pallav

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Dr. Vijay Prakash / डॉ. विजय प्रकाश

सरकारी सेवा में
शिक्षा : एम. ए. (अंग्रेजी, हिन्दी), पी-एच. डी.

मूलतः कवि-गीतकार, कथाकार, अनुवादक, किन्तु साहित्य की लगभग सभी विधाओं में कुछ-न-कुछ हस्तक्षेप। विगत लगभग चार दशकों से राष्ट्रीय स्तर की पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन। सहस्राब्दी विश्व हिन्दी सम्मेलन, नयी दिल्ली का ‘राष्ट्रीय हिन्दी सेवी सहस्राब्दी सम्मान’, बिहार सरकार का ‘नवलेखन पुरस्कार’, बिहार सरकार का ‘स्वर्ण-पदक’, अखिल भारतीय ‘कादंबिनी कहानी पुरस्कार’, ‘महाकवि केदारनाथ मिश्र प्रभात सम्मान,’ बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना का ‘केदारनाथ मिश्र प्रभात सम्मान’, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना का ‘हिन्दी सेवी सम्मान’ ।
कृतियाँ : घरौंदे रेत के थे; प्रणय के पारिजात (ई-बुक); और बतियाते प्रहर (कविता संग्रह), अपराजित (अनूदित उपन्यास), हीरातराश (अनूदित जीवनी) व कविताओं के कई साझा संकलन।

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